खूंटीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
सुशीला केरकेट्टा (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 31.7% वोट पाकर खूंटी सीट जीती और हाथी राम मुण्डा (BJP) को 887 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 303 कोलेबिरा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 303 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
खूंटी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 887 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुशीला केरकेट्टा | 21,76931.7% | |
| 2 | हाथी राम मुण्डा | 20,88230.4% | |
| 3 | निकोलश गुड़िया JKD | JKD | 17,83725.9% |
| 4 | मेलें सोय | 5,1587.5% | |
| 5 | महेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2681.8% |
| 6 | बुधेश ओरांव | 7251.1% | |
| 7 | बीरेन्द्र जसपाल सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 6831.0% |
| 8 | मुक्ति तिर्की निर्दलीय | निर्दलीय | 4340.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खूंटी से कौन जीता, 1977–2000
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 42.7% से घटकर 31.7% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 41.6% से बढ़कर 58.4% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।