घाटशिलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
टीकाराम माझी (CPI) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 44.8% वोट पाकर घाटशिला सीट जीती और शशि भूषण मांकी (INC(I)) को 4,055 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 288 सरायकेला थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 288 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | टीकाराम माझी वाम दल | वाम दल | 14,58044.8% |
| 2 | शशि भूषण मांकी | 10,52532.4% | |
| 3 | सीता राम टुडू SUC | SUC | 6,78520.9% |
| 4 | जगन नाथ सरन JKD | JKD | 6462.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI, INC(I) और SUC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
घाटशिला से कौन जीता, 1977–2000
CPI ने 1977 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 37.7% से बढ़कर 44.8% हो गया। मतदान प्रतिशत 1977 के 31.0% से घटकर 30.4% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।