घाटशिलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
टीका राम माझी (CPI) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 37.7% वोट पाकर घाटशिला सीट जीती और सीताराम टुडू (SUC) को 4,431 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 288 सरायकेला थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 288 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — टीका राम माझी 15.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | टीका राम माझी वाम दल | वाम दल | 10,64037.7% |
| 2 | सीताराम टुडू SUC | SUC | 6,20922.0% |
| 3 | दशरथी सरन निर्दलीय | निर्दलीय | 3,47312.3% |
| 4 | यदु नाथ बास्के JKP | JKP | 2,6639.4% |
| 5 | जगन्नाथ मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0747.4% |
| 6 | फकीर चन्द्र किस्कू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7856.3% |
| 7 | भादियो माझी JKD | JKD | 1,3484.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
घाटशिला से कौन जीता, 1977–2000
इसके बाद 1980 के चुनाव में भी CPI ने यह सीट अपने पास रखी।