अतरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
सुरेन्द्र प्रसाद (INC(U)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 38.5% वोट पाकर अतरी सीट जीती और बाबूलाल सिंह (BJP) को 14,007 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 256 वारिसलीगंज थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 256 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरेन्द्र प्रसाद | 43,89838.5% | |
| 2 | बाबूलाल सिंह | 29,89126.2% | |
| 3 | सूरजदेव सिंह JNP(JP) | JNP(JP) | 20,84418.3% |
| 4 | महेश्वरी प्रसाद सिंह | 17,87415.7% | |
| 5 | शिव रतन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6400.6% |
| 6 | राजेन्द्र प्रसाद JNP(SC) | JNP(SC) | 3720.3% |
| 7 | मो. गुलाम रसूल निर्दलीय | निर्दलीय | 2130.2% |
| 8 | हरबंश प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1860.2% |
| 9 | खुर्शीद आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.1% |
| 10 | हरिहर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 310.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.64 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अतरी से कौन जीता, 1977–2000
INC(U) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 72.2% से बढ़कर 81.5% हो गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।