अतरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
रंजीत सिंह (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 31.3% वोट पाकर अतरी सीट जीती और महेश सिंह यादव (JD) को 1,792 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 256 वारिसलीगंज थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 256 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
अतरी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,792 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रंजीत सिंह | 48,58631.3% | |
| 2 | महेश सिंह यादव राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 46,79430.2% |
| 3 | कृष्ण कुमार सिंह | 31,97320.6% | |
| 4 | राजेन्द्र प्रसाद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 24,29315.7% |
| 5 | एकराम खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2240.8% |
| 6 | नागेन्द्र सिंह MCOR | MCOR | 7310.5% |
| 7 | नागेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3640.2% |
| 8 | महेन्द्र पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 2420.2% |
| 9 | नागेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1740.1% |
| 10 | मुसाफिर चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1570.1% |
| 11 | रामाशीष यादव SSD | SSD | 1220.1% |
| 12 | चमारी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.1% |
| 13 | शिव दयाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 910.1% |
| 14 | सकल देव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 620.0% |
| 15 | बच्चू प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 390.0% |
| 16 | मैतजिली सरन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 200.0% |
| 17 | अजीत कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 190.0% |
| 18 | बजरंगी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 190.0% |
| 19 | उमा शंकर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 110.0% |
| 20 | श्याम सुन्दर सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 60.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.90 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अतरी से कौन जीता, 1977–2000
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 34.1% से घटकर 31.3% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 84.9% से घटकर 83.5% रह गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।