भभुआविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
श्याम नारायण पाण्डेय (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 42.7% वोट पाकर भभुआ सीट जीती और राम लाल सिंह (CPI) को 12,334 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 230 जगदीशपुर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 230 कोंच है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — श्याम नारायण पाण्डेय 15.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्याम नारायण पाण्डेय | 33,53642.7% | |
| 2 | राम लाल सिंह वाम दल | वाम दल | 21,20227.0% |
| 3 | भानु प्रताप सिंह | 20,15425.7% | |
| 4 | श्री महाबली सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2781.6% |
| 5 | रण विजय सिंह बहादुर सिंह | 1,0811.4% | |
| 6 | लाल मुनि चमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6750.9% |
| 7 | शिव परीक्षा सिंह JNP(JP) | JNP(JP) | 6260.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भभुआ से कौन जीता, 1977–2000
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 52.6% से बढ़कर 58.1% हो गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।