भभुआविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
विजय शंकर पाण्डेय (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 20.8% वोट पाकर भभुआ सीट जीती और राम लाल सिंह (CPI) को 367 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 230 जगदीशपुर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 230 कोंच है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
भभुआ का फ़ैसला सिर्फ़ 0.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 367 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
34 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विजय शंकर पाण्डेय | 19,73420.8% | |
| 2 | राम लाल सिंह वाम दल | वाम दल | 19,36720.4% |
| 3 | राज लल्लन सिंह LKD(B) | LKD(B) | 12,74513.4% |
| 4 | राम सुख सिंह | 10,59611.2% | |
| 5 | जवाहर सिंह | 7,9538.4% | |
| 6 | राम चन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5,6255.9% |
| 7 | राम बावन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5,6115.9% |
| 8 | शिव पूजन बिन्द DMM | DMM | 4,2614.5% |
| 9 | मुख्तार अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4471.5% |
| 10 | पूरनवासी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1041.2% |
| 11 | राम अधार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9941.1% |
| 12 | ओम प्रकाश गिरी निर्दलीय | निर्दलीय | 5730.6% |
| 13 | दीना नाथ सिद्घ BKUS | BKUS | 5650.6% |
| 14 | रामजी पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 5180.6% |
| 15 | परपाव जी निर्दलीय | निर्दलीय | 4770.5% |
| 16 | राजेन्द्र सिंह उर्फ़ नरेन्द्र प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3270.3% |
| 17 | प्रभु नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3230.3% |
| 18 | चन्द्र भूषण सिंह PBI | PBI | 3110.3% |
| 19 | रामानुज सिंह ICS(SCS) | ICS(SCS) | 3090.3% |
| 20 | मदन प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2540.3% |
| 21 | कैलाश तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2480.3% |
| 22 | विजय बहादुर सिंह JNP(JP) | JNP(JP) | 2330.3% |
| 23 | राम सिंहासन उपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 2090.2% |
| 24 | जगदीश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2020.2% |
| 25 | श्याम सुरेन्द्र दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2010.2% |
| 26 | मुतुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.1% |
| 27 | सुरेन्द्र प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
| 28 | विजय कृष्ण पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.1% |
| 29 | विश्वम्भर पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 880.1% |
| 30 | अशोक कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
| 31 | संजय कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
| 32 | सच्चिदानंद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 500.1% |
| 33 | राम नारायण राम निर्दलीय | निर्दलीय | 470.1% |
| 34 | हजारी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 370.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 55% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भभुआ से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 57.9% से घटकर 56.6% रह गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।