अस्थावांविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
अयोध्या प्रसाद (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 54.0% वोट पाकर अस्थावां सीट जीती और अर्जुन प्रसाद सिंह (CPI) को 16,353 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 193 बख्तियारपुर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 193 फुलवारी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अयोध्या प्रसाद 17.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अयोध्या प्रसाद | 51,36354.0% | |
| 2 | अर्जुन प्रसाद सिंह वाम दल | वाम दल | 35,01036.8% |
| 3 | जुगेसर प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5,2985.6% |
| 4 | मो. हुमायूं JNP(JP) | JNP(JP) | 1,7631.9% |
| 5 | विजय कुमार यादव JNP(SC) | JNP(SC) | 8440.9% |
| 6 | सुरेन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5280.6% |
| 7 | परमेश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.2% |
| 8 | किशुन प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1390.1% |
| 9 | सिद्धेश्वर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I), CPI और एक निर्दलीय को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अस्थावां से कौन जीता, 1977–2000
INC(I) ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 69.7% से बढ़कर 76.1% हो गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।