बख्तियारपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
भोला प्रसाद सिंह (SOP) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 33.3% वोट पाकर बख्तियारपुर सीट जीती और हरि नारायण सिंह (NCO) को 900 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 193 अस्थावां थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 193 अस्थावां है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बख्तियारपुर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 900 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भोला प्रसाद सिंह | 30,43233.3% | |
| 2 | हरि नारायण सिंह | 29,53232.3% | |
| 3 | राम लखन राय निर्दलीय | निर्दलीय | 22,52624.6% |
| 4 | रामजी चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 5,2905.8% |
| 5 | हरि नन्दन राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3952.6% |
| 6 | रघुनंदन प्रसाद सिंह महागठबंधन | महागठबंधन | 7300.8% |
| 7 | राम नरेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3090.3% |
| 8 | राम वृक्ष सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.1% |
| 9 | भारत शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बख्तियारपुर से कौन जीता, 1967–1972
SOP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1969 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह SOP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1969 के 66.5% से बढ़कर 75.6% हो गया।