लखीसरायविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
अश्वनी कुमार शर्मा (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 35.5% वोट पाकर लखीसराय सीट जीती और यदुबंश सिंह (निर्दलीय) को 9,516 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 190 बछवाड़ा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 190 पटना पूर्व है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अश्वनी कुमार शर्मा | 34,06335.5% | |
| 2 | यदुबंश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 24,54725.6% |
| 3 | कपिल देव सिंह JNP(SC) | JNP(SC) | 22,68423.7% |
| 4 | विष्णुधारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 8,4628.8% |
| 5 | चन्द्र ब्रुशन यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 4,1684.3% |
| 6 | रामेश्वर प्रसाद सिंह JNP(SR) | JNP(SR) | 1,2241.3% |
| 7 | मुरली मनोहर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3270.3% |
| 8 | राम बालक सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1750.2% |
| 9 | सीतो साव निर्दलीय | निर्दलीय | 1680.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.88 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लखीसराय से कौन जीता, 1977–2000
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 61.6% से घटकर 53.6% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट JNP ने जीती।