लखीसरायविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
कृष्ण चन्द्र प्रसाद सिंह (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 50.7% वोट पाकर लखीसराय सीट जीती और अश्वनी कु. शर्मा (निर्दलीय) को 32,704 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 190 बछवाड़ा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 190 पटना पूर्व है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कृष्ण चन्द्र प्रसाद सिंह 24.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कृष्ण चन्द्र प्रसाद सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 67,75650.7% |
| 2 | अश्वनी कु. शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 35,05226.2% |
| 3 | भोला प्रसाद सिंह | 14,69611.0% | |
| 4 | शिघेश्वर सिंह | 10,1647.6% | |
| 5 | योगेन्द्र प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1901.6% |
| 6 | राज कुमार बरई निर्दलीय | निर्दलीय | 6750.5% |
| 7 | राज कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6100.5% |
| 8 | धानो यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 6090.5% |
| 9 | सुखदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4680.3% |
| 10 | दिनेश प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2490.2% |
| 11 | परिला महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 1930.1% |
| 12 | गोपाल द्रोलिया निर्दलीय | निर्दलीय | 1800.1% |
| 13 | अर्जुन महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.1% |
| 14 | भोला सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1280.1% |
| 15 | सतीश कु. पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.1% |
| 16 | अर्जुन रजक निर्दलीय | निर्दलीय | 590.0% |
| 17 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 570.0% |
| 18 | धुरो पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 570.0% |
| 19 | नजरावुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 560.0% |
| 20 | सुनील सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 470.0% |
| 21 | दया शंकर शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 440.0% |
| 22 | रामदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 430.0% |
| 23 | शिव नन्दन गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 340.0% |
| 24 | सुरेन्द्र शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
| 25 | राम बालक सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 210.0% |
| 26 | विजय शंकर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 150.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD, एक निर्दलीय और BJP को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.91 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लखीसराय से कौन जीता, 1977–2000
JD ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 62.7% से घटकर 59.6% रह गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।