रामगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
बिश्वनाथ चौधरी (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 35.2% वोट पाकर रामगढ़ सीट जीती और शब्बीर अहमद (CPI) को 7,031 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 267 हजारीबाग थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 267 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बिश्वनाथ चौधरी 16.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिश्वनाथ चौधरी जनता | जनता | 14,67935.2% |
| 2 | शब्बीर अहमद वाम दल | वाम दल | 7,64818.3% |
| 3 | अर्जुन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5,03312.1% |
| 4 | बदुलाल अग्रवाल | 4,93611.8% | |
| 5 | रिझुनाथ चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 4,44110.6% |
| 6 | ओबैदुल्लाह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6323.9% |
| 7 | पंचमीं ओझा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2102.9% |
| 8 | लेख नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6021.4% |
| 9 | ईश्वर साव निर्दलीय | निर्दलीय | 5311.3% |
| 10 | अब्बीराम करमाली निर्दलीय | निर्दलीय | 5081.2% |
| 11 | मदन मोहन मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 2940.7% |
| 12 | ललिता गोस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 2330.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 66% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.00 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रामगढ़ से कौन जीता, 1977–2000
इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट JMM ने जीती।