हजारीबागविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
रघुनंदन प्रसाद (BJS) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 36.5% वोट पाकर हजारीबाग सीट जीती और असिन (INC) को 4,433 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 267 कोडरमा थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 267 रामगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रघुनंदन प्रसाद महागठबंधन | महागठबंधन | 12,40636.5% |
| 2 | असिन कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 7,97323.4% |
| 3 | ज्योतिन प्रकाश JKD | JKD | 5,80617.1% |
| 4 | राधे श्याम अम्बष्ट | 4,19212.3% | |
| 5 | गिरजा शंकर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 8342.5% |
| 6 | कपिलदेव सिंह | 7212.1% | |
| 7 | शिव कुमार JKP | JKP | 6902.0% |
| 8 | मदन मोहन मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 5861.7% |
| 9 | भुनेश्वर राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5341.6% |
| 10 | राम चन्द्र साहू गुप्ता महागठबंधन | महागठबंधन | 2800.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हजारीबाग से कौन जीता, 1967–1972
BJS ने यह सीट JAP से छीन ली, जिसने इसे 1969 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह BJS की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1969 के 38.1% से घटकर 32.8% रह गया।