सिमरियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
उपेन्द्र नाथ दास (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 54.8% वोट पाकर सिमरिया सीट जीती और महेन्द्र पी. सिंह भोगता (निर्दलीय) को 11,442 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 265 बगोदर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 265 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — उपेन्द्र नाथ दास 35.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उपेन्द्र नाथ दास जनता | जनता | 17,86554.8% |
| 2 | महेन्द्र पी. सिंह भोगता निर्दलीय | निर्दलीय | 6,42319.7% |
| 3 | श्योजगत राम | 4,45513.7% | |
| 4 | महेश राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1526.6% |
| 5 | सच्चिदानन्द राय निर्दलीय | निर्दलीय | 7812.4% |
| 6 | श्याम लाल राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4111.3% |
| 7 | अर्जुन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3211.0% |
| 8 | आर.एल. पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP, एक निर्दलीय और INC को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.75 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिमरिया से कौन जीता, 1977–2000
इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट INC(I) ने जीती।