सिमरियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
उपेंदर नाथ दास (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 49.1% वोट पाकर सिमरिया सीट जीती और राम चन्द्र राम (CPI) को 11,969 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 265 बगोदर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 265 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — उपेंदर नाथ दास 19.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उपेंदर नाथ दास | 30,80149.1% | |
| 2 | राम चन्द्र राम वाम दल | वाम दल | 18,83230.0% |
| 3 | ईश्वरी राम पासवान | 5,0788.1% | |
| 4 | योगेन्द्र नाथ बैठा राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 4,5957.3% |
| 5 | भगवान पास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0581.7% |
| 6 | धीरेन्द्र भगत | 1,0271.6% | |
| 7 | जूठन पासवान | 8421.3% | |
| 8 | बिलेश्वर राम पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 4480.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, CPI और INC को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.90 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिमरिया से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 34.2% से बढ़कर 41.8% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।