गिरिडीहविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
चतुरानन मिश्रा (CPI) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 47.4% वोट पाकर गिरिडीह सीट जीती और भगत सिंह (BJS) को 6,894 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में भी सीट नंबर 262 का नाम गिरिडीह था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 262 कोडरमा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — चतुरानन मिश्रा 16.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चतुरानन मिश्रा वाम दल | वाम दल | 19,73447.4% |
| 2 | भगत सिंह महागठबंधन | महागठबंधन | 12,84030.8% |
| 3 | रघुनंदन राम | 5,47413.1% | |
| 4 | सरजू पाण्डेय वाम दल | वाम दल | 1,4373.5% |
| 5 | नोनी हाँसदा PHJ | PHJ | 1,2663.0% |
| 6 | शंकर लाल रूंगटा निर्दलीय | निर्दलीय | 9192.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI, BJS और NCO को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.95 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गिरिडीह से कौन जीता, 1967–1972
CPI ने 1969 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 47.4%। मतदान प्रतिशत 1969 के 53.6% से घटकर 43.5% रह गया।