गिरिडीहविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
रघुनंदन राम (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 37.1% वोट पाकर गिरिडीह सीट जीती और चतुरानन मिश्रा (CPI) को 4,757 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 262 गढ़वा थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 262 का नाम अब भी गिरिडीह है, अब नई सीमाओं के साथ। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रघुनंदन राम 15.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रघुनंदन राम | 11,13637.1% | |
| 2 | चतुरानन मिश्रा वाम दल | वाम दल | 6,37921.3% |
| 3 | इफ़्ताखान जान ख़्वाजा स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 5,68718.9% |
| 4 | गोपाल वीरा राघवन | 2,8309.4% | |
| 5 | बाबा स्वरूप दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1994.0% |
| 6 | भुवनेश्वर प्रसाद बरनवाल | 1,0513.5% | |
| 7 | चुंडका मुर्मू JHP | JHP | 7102.4% |
| 8 | शिव शंकर पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 5361.8% |
| 9 | राम चरण राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3081.0% |
| 10 | कृष्ण बल्लभ सहाय निर्दलीय | निर्दलीय | 1890.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।