गढ़वाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
राजेश्वरी सरोज दास (INC) ने 1957 के विधान सभा चुनाव में 45.5% वोट पाकर गढ़वा सीट जीती और सुग्रीव धर दुबे (CNPSPJP) को 4,204 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 262 झालदा थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 262 गिरिडीह है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — राजेश्वरी सरोज दास 21.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजेश्वरी सरोज दास | 8,99345.5% | |
| 2 | सुग्रीव धर दुबे CNPSPJP | CNPSPJP | 4,78924.2% |
| 3 | राम केश्वर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3,64118.4% |
| 4 | राजेश्वर तिवारी | 9024.6% | |
| 5 | केश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7994.0% |
| 6 | बिशेश्वर सिंह JHP | JHP | 6513.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.29 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।