केवटी रनवेविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
हुकुमदेव नारायण यादव (SSP) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 26.7% वोट पाकर केवटी रनवे सीट जीती और विजय कान्त ठाकुर (CPI) को 2,677 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 91 बहेड़ा पश्चिम थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 91 जाले है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। हुकुमदेव नारायण यादव 4.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हुकुमदेव नारायण यादव | 16,20326.7% | |
| 2 | विजय कान्त ठाकुर वाम दल | वाम दल | 13,52622.3% |
| 3 | राम नन्दन राय Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 10,43217.2% |
| 4 | श्री नारायण दास | 8,30613.7% | |
| 5 | चोआ लाल मंडल SHD | SHD | 5,0338.3% |
| 6 | शोएब शेख निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4065.6% |
| 7 | अमर नाथ चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0785.1% |
| 8 | रूद्र नारायण चौबे स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 7931.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 66% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.51 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
केवटी रनवे से कौन जीता, 1967–1972
SSP ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 29.9% से घटकर 26.7% रह गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 57.2% से बढ़कर 59.3% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट SOP ने जीती।