डालटनगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
पूरन चन्द (SSP) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 41.4% वोट पाकर डालटनगंज सीट जीती और इन्द्र सिंह (BJS) को 5,326 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में भी सीट नंबर 313 का नाम डालटनगंज था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 313 गुमला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पूरन चन्द | 15,73141.4% | |
| 2 | इन्द्र सिंह Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 10,40527.4% |
| 3 | नर्बदेश्वर सिंह | 9,97026.2% | |
| 4 | भुनेश्वर प्रसाद बाजपेयी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2243.2% |
| 5 | मणि लाल वर्मा | 3851.0% | |
| 6 | महेन्द्र प्रसाद वर्मा स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 2780.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.16 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डालटनगंज से कौन जीता, 1967–1972
SSP ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.5% से घटकर 41.4% रह गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 43.4% से बढ़कर 44.7% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट SOP ने जीती।