जमशेदपुर पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
केदार दास (CPI) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 55.9% वोट पाकर जमशेदपुर पूर्व सीट जीती और मधुज्योत्सना अखौरी (INC) को 16,530 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 285 जमशेदपुर थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 285 झरिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — केदार दास 33.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | केदार दास वाम दल | वाम दल | 27,74555.9% |
| 2 | मधुज्योत्सना अखौरी | 11,21522.6% | |
| 3 | आर. डी. शर्मा भारतीय जनसंघ | भारतीय जनसंघ | 3,9998.1% |
| 4 | हरि दास निर्दलीय | निर्दलीय | 3,8507.8% |
| 5 | लाला व्रजनंदन किशोर | 1,2022.4% | |
| 6 | राम पारस सिन्हा SHD | SHD | 7271.5% |
| 7 | चिनिबास तांती निर्दलीय | निर्दलीय | 3940.8% |
| 8 | अखौरी बालेश्वर सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 3030.6% |
| 9 | सुजीत कुमार मुखार्जी PBI | PBI | 1850.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI, INC और BJS को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.65 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जमशेदपुर पूर्व से कौन जीता, 1967–1972
CPI ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 57.2% से बढ़कर 60.1% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी CPI ने यह सीट अपने पास रखी।