जमशेदपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
रामावतार सिंह (CPI) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 53.1% वोट पाकर जमशेदपुर सीट जीती और मधु ज्योत्सना अखौरी (INC) को 12,610 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में कोई सीट नंबर 285 नहीं थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 285 जमशेदपुर पूर्व है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रामावतार सिंह 26.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामावतार सिंह वाम दल | वाम दल | 25,74853.1% |
| 2 | मधु ज्योत्सना अखौरी | 13,13827.1% | |
| 3 | निरंजन सिंह JHP | JHP | 3,1346.5% |
| 4 | शंकर दयाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4715.1% |
| 5 | एम. आर. चौरसिया | 2,0974.3% | |
| 6 | गुरुदास सिंह गिल स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 1,0142.1% |
| 7 | दयामोती गोप निर्दलीय | निर्दलीय | 8461.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI, INC और JHP को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।