गया मुफस्सिलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
हरदेव नारायण सिंह (INC) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 30.4% वोट पाकर गया मुफस्सिल सीट जीती और सूरजदेव सिंह (JAP) को 1,234 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 251 गया थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 251 इमामगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। हरदेव नारायण सिंह 2.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरदेव नारायण सिंह | 15,79930.4% | |
| 2 | सूरजदेव सिंह JAP | JAP | 14,56528.0% |
| 3 | राम चन्द्र यादव SHD | SHD | 13,46725.9% |
| 4 | मोहन प्रसाद वर्मा वाम दल | वाम दल | 2,7065.2% |
| 5 | प्रभाकर चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0584.0% |
| 6 | हरिचंद मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 9751.9% |
| 7 | मथुरा नाथ तिवारी Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 9501.8% |
| 8 | रामेश्वर प्रसाद | 8731.7% | |
| 9 | रबीन्द्र कुमार सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 2930.6% |
| 10 | नवल किशोर सिंह PBI | PBI | 1680.3% |
| 11 | कुलदीप यादव BCP | BCP | 1660.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गया मुफस्सिल से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट SSP से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 48.4% से बढ़कर 55.9% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट NCO ने जीती।