गोहविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
अवध सिंह (SSP) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 49.7% वोट पाकर गोह सीट जीती और ठाकुर एम. एन. सिंह (INC) को 8,144 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 239 बेलागंज थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 239 रफीगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
15.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अवध सिंह | 27,04249.7% | |
| 2 | ठाकुर एम. एन. सिंह | 18,89834.7% | |
| 3 | कामेश्वर शर्मा वाम दल | वाम दल | 3,8707.1% |
| 4 | नुनू शर्मा Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 2,0993.9% |
| 5 | एस. अब्दुल अली निर्दलीय | निर्दलीय | 9211.7% |
| 6 | राम मंडन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8421.6% |
| 7 | राम लखन प्रसाद SHD | SHD | 5441.0% |
| 8 | राम स्वरूप गुप्ता PBI | PBI | 1930.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SSP, INC और CPI को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.67 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गोह से कौन जीता, 1967–1972
SSP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 52.9% से बढ़कर 61.7% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट NCO ने जीती।