मसौढ़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
राम देवन दास (BJS) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 27.5% वोट पाकर मसौढ़ी सीट जीती और भुनेश्वर शर्मा (CPI) को 104 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में भी सीट नंबर 202 का नाम मसौढ़ी था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 202 बाढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मसौढ़ी का फ़ैसला सिर्फ़ 0.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 104 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम देवन दास Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 17,42427.5% |
| 2 | भुनेश्वर शर्मा वाम दल | वाम दल | 17,32027.3% |
| 3 | धान राज शर्मा | 12,26319.3% | |
| 4 | नवल किशोर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8,82213.9% |
| 5 | ब्रज नन्दन सहाय | 3,7295.9% | |
| 6 | राम दास सिंह आजाद | 2,5244.0% | |
| 7 | हीरा पव्वान | 7291.1% | |
| 8 | बृज नन्दन कुमार सिंह JAP | JAP | 6251.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.72 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2005 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2005 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मसौढ़ी से कौन जीता, 1967–1972
BJS ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 52.3% से बढ़कर 57.8% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।