बेलहरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
चतुर्भुज प्रसाद सिंह (SSP) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 24.5% वोट पाकर बेलहर सीट जीती और अवध बिहारी राय (निर्दलीय) को 1,853 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 167 कटोरिया थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 167 नाथनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। चतुर्भुज प्रसाद सिंह 3.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चतुर्भुज प्रसाद सिंह | 11,52924.5% | |
| 2 | अवध बिहारी राय निर्दलीय | निर्दलीय | 9,67620.5% |
| 3 | शकुंतला देवी | 9,30619.7% | |
| 4 | राधे श्याम राय निर्दलीय | निर्दलीय | 6,41413.6% |
| 5 | शशि शेखर प्रसाद सिंह JAP | JAP | 5,93412.6% |
| 6 | सुरेन्द्र नारायण सिंह Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 1,5313.3% |
| 7 | लक्ष्मी झा | 8111.7% | |
| 8 | अरुण कुमार वाम दल | वाम दल | 7131.5% |
| 9 | सुशील कुमार यादव SUC | SUC | 7031.5% |
| 10 | तारिणी प्रसाद यादव SHD | SHD | 5191.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 65% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.64 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बेलहर से कौन जीता, 1967–1972
SSP ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 30.2% से घटकर 24.5% रह गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 48.8% से बढ़कर 50.3% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।