कसबाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
राम नारायण नांदल (INC) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 23.8% वोट पाकर कसबा सीट जीती और गिरजा नन्द चौधरी (BJS) को 1,030 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 121 बनमनखी थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 121 सोनबरसा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। राम नारायण नांदल 2.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम नारायण नांदल | 10,08723.8% | |
| 2 | गिरजा नन्द चौधरी Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 9,05721.4% |
| 3 | अब्दुल रज़ाक स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 7,20817.0% |
| 4 | मोहन शर्मा वाम दल | वाम दल | 6,94516.4% |
| 5 | राम बृक्ष साह | 3,6038.5% | |
| 6 | ब्रह्मदेव प्रसाद यादव LTC | LTC | 2,6026.1% |
| 7 | शिव चरण मेहता SHD | SHD | 1,0642.5% |
| 8 | लखन मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 7041.7% |
| 9 | महाबीर लाठ निर्दलीय | निर्दलीय | 5861.4% |
| 10 | केशव लाल साहा निर्दलीय | निर्दलीय | 4921.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 62% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कसबा से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 29.7% से घटकर 23.8% रह गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 44.9% से बढ़कर 49.5% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।