मोतिहारीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
राम सेवक प्रसाद जायसवाल (INC) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 39.5% वोट पाकर मोतिहारी सीट जीती और चन्द्रिका प्रसाद यादव (BJS) को 4,315 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 12 घोड़ासहन थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 12 का नाम अब भी मोतिहारी है, अब नई सीमाओं के साथ। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम सेवक प्रसाद जायसवाल | 14,60439.5% | |
| 2 | चन्द्रिका प्रसाद यादव Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 10,28927.8% |
| 3 | भूप नारायण सिन्हा वाम दल | वाम दल | 5,63515.2% |
| 4 | रामदयाल प्रसाद सिन्हा | 4,36811.8% | |
| 5 | कुमार कमला सिन्हा JAP | JAP | 1,8695.0% |
| 6 | सरयुग प्रसाद PBI | PBI | 2510.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.67 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मोतिहारी से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट BJS से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 43.2% से बढ़कर 44.3% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।