जोरहाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2021
हितेन्द्र नाथ गोस्वामी (BJP) ने 2021 के विधान सभा चुनाव में 48.8% वोट पाकर जोरहाट सीट जीती और राणा गोस्वामी (INC) को 6,488 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 98 डेरगांव थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 98 माजुली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। हितेन्द्र नाथ गोस्वामी 4.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हितेन्द्र नाथ गोस्वामी NDA | NDA | 68,32148.8% |
| 2 | राणा गोस्वामी | 61,83344.2% | |
| 3 | निरोद चांगकाकोटी AJP | AJP | 6,9255.0% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,7171.2% |
| 4 | रंजीत बरुआ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1000.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.29 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹2.64 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जोरहाट से कौन जीता, 1978–2021
BJP ने 2016 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.9% से घटकर 48.8% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2016 के 79.9% से घटकर 74.7% रह गया।
- 1978दुलाल चन्द्र बरुआ (JNP), जीत का अंतर 35.1%
- 1983दीनानाथ राजखोवा (INC), जीत का अंतर 66.0%
- 1985अभिजीत शर्मा (IND), जीत का अंतर 43.8%
- 1991हितेन्द्र नाथ गोस्वामी (AGP), जीत का अंतर 4.7%
- 1996हितेंद्रनाथ गोस्वामी (AGP), जीत का अंतर 19.9%
- 2001हितेन्द्र नाथ गोस्वामी (AGP), जीत का अंतर 7.6%
- 2006राणा गोस्वामी (INC), जीत का अंतर 4.8%
- 2011राणा गोस्वामी (INC), जीत का अंतर 36.2%
- 2016हितेन्द्र नाथ गोस्वामी (BJP), जीत का अंतर 10.4%
- 2021हितेन्द्र नाथ गोस्वामी (BJP), जीत का अंतर 4.6%