डेरगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2021
भबेंद्र नाथ भराली (AGP) ने 2021 के विधान सभा चुनाव में 48.1% वोट पाकर डेरगांव सीट जीती और बानी हज़ारिका (INC) को 12,497 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 97 गोलाघाट थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 97 नाजिरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भबेंद्र नाथ भराली NDA | NDA | 64,04348.1% |
| 2 | बानी हज़ारिका | 51,54638.7% | |
| 3 | आनंदा चन्द्र दास AJP | AJP | 7,5855.7% |
| 4 | प्रोबिन दास निर्दलीय | निर्दलीय | 7,4875.6% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 2,4411.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AGP, INC और AJP को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.58 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹1.83 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डेरगांव से कौन जीता, 1978–2021
AGP ने 2016 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.3% से घटकर 48.1% रह गया। मतदान प्रतिशत 2016 के 82.2% से घटकर 76.5% रह गया।
- 1978रमेश दास (JNP), जीत का अंतर 20.0%
- 1983हेम प्रकाश नारायण (INC), जीत का अंतर 50.1%
- 1985भबेंद्र नाथ (IND), जीत का अंतर 39.9%
- 1991हेम प्रकाश नारायण (INC), जीत का अंतर 0.7%
- 1996सुशीला हज़ारिका (AGP), जीत का अंतर 30.5%
- 2001हेमप्रकाश नारायण (INC), जीत का अंतर 8.8%
- 2006सुशीला हज़ारिका (AGP), जीत का अंतर 4.7%
- 2011आरती हज़ारिका कछारी (INC), जीत का अंतर 21.4%
- 2016भबेंद्र नाथ भराली (AGP), जीत का अंतर 13.5%
- 2021भबेंद्र नाथ भराली (AGP), जीत का अंतर 9.4%