धेमाजीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2021
रनोज पेगु (BJP) ने 2021 के विधान सभा चुनाव में 45.3% वोट पाकर धेमाजी सीट जीती और चित्तरंजन बसुमतारी (AJP) को 30,792 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 113 उत्तर लखीमपुर थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 113 हाफलोंग है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रनोज पेगु 15.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रनोज पेगु NDA | NDA | 87,68145.3% |
| 2 | चित्तरंजन बसुमतारी AJP | AJP | 56,88929.4% |
| 3 | शेलेन सोणोवाल | 44,83223.2% | |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,6430.8% |
| 4 | अयूब खांग ब्रह्म निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2090.6% |
| 5 | हेम कान्ता मिरी | 1,1580.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, AJP और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.89 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.10 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
धेमाजी से कौन जीता, 1978–2021
BJP ने 2016 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 40.9% से बढ़कर 45.3% हो गया। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2016 के 80.5% से घटकर 77.4% रह गया।
- 1978पूर्ण चन्द्र बोरा (IND), जीत का अंतर 1.4%
- 1983दुर्गेश्वर पटीर (INC), जीत का अंतर 46.6%
- 1985दिलीप कुमार सैकिया (IND), जीत का अंतर 41.4%
- 1991दिलीप कुमार सैकिया (AGP), जीत का अंतर 9.6%
- 1996दिलीप कुमार सैकिया (AGP), जीत का अंतर 12.3%
- 2001दिलीप कुमार सैकिया (AGP), जीत का अंतर 0.5%
- 2006सुमित्रा पटीर (INC), जीत का अंतर 6.3%
- 2011सुमित्रा डोले पटीर (INC), जीत का अंतर 5.2%
- 2016प्रदान बरुआ (BJP), जीत का अंतर 11.2%
- 2021रनोज पेगु (BJP), जीत का अंतर 15.9%