होजाईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
अर्धेंदु कुमार दे (INC) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 40.3% वोट पाकर होजाई सीट जीती और कमल दत्त (AGP) को 5,049 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 91 सामागुड़ी थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 91 टिंगखांग है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अर्धेंदु कुमार दे | 37,28640.3% | |
| 2 | कमल दत्त संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 32,23734.9% |
| 3 | बिजय कृष्ण गोस्वामी | 20,80022.5% | |
| 4 | शंकर भौमिक निर्दलीय | निर्दलीय | 7670.8% |
| 5 | दिपक दासगुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 5960.6% |
| 6 | जोनमेजॉय दास AIIC(T) | AIIC(T) | 2350.3% |
| 7 | बिमला प्रसाद तालिकदार निर्दलीय | निर्दलीय | 2180.2% |
| 8 | तफ़ज़ुल हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 1830.2% |
| 9 | अमलांगसू राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1760.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, AGP और BJP को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.99 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
होजाई से कौन जीता, 1978–2021
INC ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 41.7% से घटकर 40.3% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 71.3% से बढ़कर 75.6% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978शांति रंजन दास गुप्ता (JNP), जीत का अंतर 7.1%
- 1983साधन रंजन सरकार (INC), जीत का अंतर 64.5%
- 1985शांति रंजन दास गुप्ता (IND), जीत का अंतर 8.6%
- 1991अर्धेंदु कुमार दे (INC), जीत का अंतर 19.1%
- 1996अर्धेंदु कुमार दे (INC), जीत का अंतर 5.5%
- 2001अर्धेंदु दे (INC), जीत का अंतर 5.7%
- 2006डॉ. आदित्य लंगथासा (AUDF), जीत का अंतर 3.7%
- 2011डॉ. अर्धेंदु कुमार दे (INC), जीत का अंतर 12.5%
- 2016शिलादित्य देव (BJP), जीत का अंतर 28.8%
- 2021रामकृष्ण घोष (BJP), जीत का अंतर 15.2%