होजाईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
शिलादित्य देव (BJP) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 54.4% वोट पाकर होजाई सीट जीती और धनीराम थौसेन (AIUDF) को 55,859 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 91 सामागुड़ी थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 91 टिंगखांग है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — शिलादित्य देव 28.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिलादित्य देव NDA | NDA | 1,05,61554.4% |
| 2 | धनीराम थौसेन | 49,75625.6% | |
| 3 | अर्धेंदु कुमार दे UPA | UPA | 35,20718.1% |
| 4 | जाकिर हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4320.7% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,3420.7% |
| 5 | मैनुल हक निर्दलीय | निर्दलीय | 7950.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, AIUDF और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.53 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.48 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
होजाई से कौन जीता, 1978–2021
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2011 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। यह 1983 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2011 के 78.0% से बढ़कर 85.9% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978शांति रंजन दास गुप्ता (JNP), जीत का अंतर 7.1%
- 1983साधन रंजन सरकार (INC), जीत का अंतर 64.5%
- 1985शांति रंजन दास गुप्ता (IND), जीत का अंतर 8.6%
- 1991अर्धेंदु कुमार दे (INC), जीत का अंतर 19.1%
- 1996अर्धेंदु कुमार दे (INC), जीत का अंतर 5.5%
- 2001अर्धेंदु दे (INC), जीत का अंतर 5.7%
- 2006डॉ. आदित्य लंगथासा (AUDF), जीत का अंतर 3.7%
- 2011डॉ. अर्धेंदु कुमार दे (INC), जीत का अंतर 12.5%
- 2016शिलादित्य देव (BJP), जीत का अंतर 28.8%
- 2021रामकृष्ण घोष (BJP), जीत का अंतर 15.2%