कारवानविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
सैयद सज्जाद (AIMIM) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 44.7% वोट पाकर कारवान सीट जीती और जी. किशन रेड्डी (BJP) को 13,542 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 215 सिकंदराबाद कैंट थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 215 चिलकलूरिपेट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सैयद सज्जाद | 78,32544.7% | |
| 2 | जी. किशन रेड्डी NDA | NDA | 64,78336.9% |
| 3 | अमर सिंह | 20,34311.6% | |
| 4 | सुदेश सिंह ATDP | ATDP | 5,4593.1% |
| 5 | एम.ए. बासित MBT | MBT | 1,8441.1% |
| 6 | पी. जंगय्या यादव NTRTDP(LP) | NTRTDP(LP) | 1,1850.7% |
| 7 | बी. पुरुषोत्तम निर्दलीय | निर्दलीय | 7570.4% |
| 8 | सैयद शाह नवाज़ हुसैनी | 7480.4% | |
| 9 | एम. ईश्वर जोशी | 4710.3% | |
| 10 | एच. कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4560.3% |
| 11 | चतुर सिंह शास्त्री निर्दलीय | निर्दलीय | 3980.2% |
| 12 | एम. दुर्गानंदम निर्दलीय | निर्दलीय | 3240.2% |
| 13 | वी. नागेश निर्दलीय | निर्दलीय | 2800.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AIMIM, BJP और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.85 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कारवान से कौन जीता, 1978–2004
AIMIM ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1994 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह AIMIM की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1994 के 61.2% से बढ़कर 61.8% हो गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में भी AIMIM ने यह सीट अपने पास रखी।