येल्लंदुविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
गुम्मडी नरसय्या (निर्दलीय) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 39.8% वोट पाकर येल्लंदु सीट जीती और पायम मुथैया (CPI) को 5,796 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 282 नलगोंडा थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 282 पीलेरु है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गुम्मडी नरसय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 29,27639.8% |
| 2 | पायम मुथैया वाम दल | वाम दल | 23,48031.9% |
| 3 | पुनेम रामचंद्रैया | 16,91923.0% | |
| 4 | चपला येर्रैया निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6282.2% |
| 5 | मध्य बानोतु निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0841.5% |
| 6 | दोरावथु राज्य निर्दलीय | निर्दलीय | 5030.7% |
| 7 | कल्टी नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 2510.3% |
| 8 | मेस्सु भिक्षमय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 2360.3% |
| 9 | गुगुलथु रामुलु निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.18 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
येल्लंदु से कौन जीता, 1978–2004
1983 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मतदान प्रतिशत लगभग 1983 जितना ही रहा: 66.7%। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।