भद्राचलमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
कुंज बोज्जी (CPM) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 42.4% वोट पाकर भद्राचलम सीट जीती और भद्रय्या सोडे (INC) को 6,703 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 274 खम्मम थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 274 राप्ताडु है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कुंज बोज्जी वाम दल | वाम दल | 30,33742.4% |
| 2 | भद्रय्या सोडे | 23,63433.0% | |
| 3 | करमा रामचंद्रैया निर्दलीय | निर्दलीय | 9,17612.8% |
| 4 | चिडेम गोपालकृष्ण मूर्ति निर्दलीय | निर्दलीय | 4,4696.2% |
| 5 | नागमणि वुम्मडिसेट्टी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9654.1% |
| 6 | लक्ष्मय्या कलाम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0121.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भद्राचलम से कौन जीता, 1978–2004
1978 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 37.0% से बढ़कर 42.4% हो गया। मतदान प्रतिशत 1983 के 55.6% से बढ़कर 59.3% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।