भद्राचलमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
येर्रैया रेड्डी मुरला (CPM) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 37.0% वोट पाकर भद्राचलम सीट जीती और अश्वपति येट्टी (निर्दलीय) को 2,745 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 274 खम्मम थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 274 राप्ताडु है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। येर्रैया रेड्डी मुरला 4.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | येर्रैया रेड्डी मुरला वाम दल | वाम दल | 22,41637.0% |
| 2 | अश्वपति येट्टी निर्दलीय | निर्दलीय | 19,67132.5% |
| 3 | तुर्रम पोडियन दोरा ICJ | ICJ | 8,56714.2% |
| 4 | वाणी रामण राव पेथाला कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 8,20513.6% |
| 5 | आलम लक्ष्मय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6952.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.55 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भद्राचलम से कौन जीता, 1978–2004
CPM ने 1978 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 36.0% से बढ़कर 37.0% हो गया। मतदान प्रतिशत 1978 के 59.8% से घटकर 55.6% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।