महबूबनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
पी. चन्द्र शेखर (TDP) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 43.8% वोट पाकर महबूबनगर सीट जीती और एम. ए. शुकूर (INC) को 8,237 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 193 वनपर्थी थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 193 पेडना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पी. चन्द्र शेखर | 28,20243.8% | |
| 2 | एम. ए. शुकूर कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 19,96531.0% |
| 3 | राजेन्द्र रेड्डी | 6,96610.8% | |
| 4 | एम. रविन्द्र रेड्डी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4255.3% |
| 5 | लक्ष्मीनरसिंहा रेड्डी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0294.7% |
| 6 | रशीद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8742.9% |
| 7 | के. गौरप्पा ICJ | ICJ | 5120.8% |
| 8 | शिवा शंकरम्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 4350.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
महबूबनगर से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1978 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1978 के 58.2% से बढ़कर 61.5% हो गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में भी TDP ने यह सीट अपने पास रखी।