मुरारईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2026
डॉ. मुशर्रफ़ होसेन (AITC) ने 2026 के विधान सभा चुनाव में 39.9% वोट पाकर मुरारई सीट जीती और संजीबुर रहमान (बप्पा) (INC) को 37,705 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 294 नहीं थी। 2011 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं; इस सीट का नंबर और नाम वही रहा। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — डॉ. मुशर्रफ़ होसेन 15.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. मुशर्रफ़ होसेन | 96,90239.9% | |
| 2 | संजीबुर रहमान (बप्पा) | 59,19724.4% | |
| 3 | रिंकी घोष | 58,66424.1% | |
| 4 | मो. अली रज़ा मंडल (माणिक मास्टर) | 13,1375.4% | |
| 5 | तासीर सेख | 6,3262.6% | |
| 6 | अली हज़रत (सौदागर) AISF | AISF | 3,4771.4% |
| 7 | साजिदा खातून निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2250.5% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,1660.5% |
| 8 | मुशर्रफ़ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0770.4% |
| 9 | बांछाराम मल | 6830.3% | |
| 10 | दिपक रविदास | 6380.3% | |
| 11 | सेख अमीरुल इस्लाम निर्दलीय | निर्दलीय | 4470.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
ऊँचा मतदान प्रतिशत (35वाँ), सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में पश्चिम बंगाल की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
पश्चिम बंगाल में सबसे ज़्यादा मतदान वाली सीटों में (294 सीटों में ऊपर से 35वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में ऊपर से 255वाँ
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.27 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
बीरभूम ज़िला · 35 लाख लोग · जनगणना 2011
नक्शी कांथा और शांतिनिकेतन चमड़े का सामान के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू62.3%
- मुस्लिम37.1%
- ईसाई0.3%
- जैन<0.1%
- सिख<0.1%
- बौद्ध<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)0.2%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
2 प्रसिद्ध स्थानप्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुरारई से कौन जीता, 1977–2026
AITC ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 2011 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 67.2% से घटकर 39.9% रह गया। मतदान प्रतिशत 2021 के 82.3% से बढ़कर 96.4% हो गया।
- 1977मोताहार होसेन (INC), जीत का अंतर 15.9%
- 1982मोताहार होसेन (INC), जीत का अंतर 4.6%
- 1987मोताहार होसेन (INC), जीत का अंतर 1.0%
- 1991मोताहार होसेन (INC), जीत का अंतर 5.3%
- 1996मोताहार होसेन (INC), जीत का अंतर 4.6%
- 2001डॉ. कमरे इलाही (CPM), जीत का अंतर 1.8%
- 2006इलाही मो. कमरे (CPM), जीत का अंतर 3.3%
- 2011नूरे आलम चौधुरी (AITC), जीत का अंतर 2.7%
- 2016अब्दुर रहमान (लिटन) (AITC), जीत का अंतर 0.1%
- 2021डॉ. मुशर्रफ़ होसेन (AITC), जीत का अंतर 45.1%
- 2026डॉ. मुशर्रफ़ होसेन (AITC), जीत का अंतर 15.5%