मुरारईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
अब्दुर रहमान (लिटन) (AITC) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 47.5% वोट पाकर मुरारई सीट जीती और अली मोर्तुज़ा खान (INC) को 280 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 294 नहीं थी। 2011 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं; इस सीट का नंबर और नाम वही रहा। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मुरारई का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 280 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अब्दुर रहमान (लिटन) | 94,66147.5% | |
| 2 | अली मोर्तुज़ा खान UPA | UPA | 94,38147.4% |
| 3 | हयातुन्निंश बीबी | 5,3452.7% | |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,6890.8% |
| 4 | बेलाल सेख | 1,3760.7% | |
| 5 | मंगल हेमरम | 9170.5% | |
| 6 | शमसुल मियाँ | 8660.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AITC और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.14 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
बीरभूम ज़िला · 35 लाख लोग · जनगणना 2011
नक्शी कांथा और शांतिनिकेतन चमड़े का सामान के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू62.3%
- मुस्लिम37.1%
- ईसाई0.3%
- जैन<0.1%
- सिख<0.1%
- बौद्ध<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)0.2%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
2 प्रसिद्ध स्थानप्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुरारई से कौन जीता, 1977–2026
AITC ने 2011 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 47.5%। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2011 के 86.0% से घटकर 85.1% रह गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में भी AITC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977मोताहार होसेन (INC), जीत का अंतर 15.9%
- 1982मोताहार होसेन (INC), जीत का अंतर 4.6%
- 1987मोताहार होसेन (INC), जीत का अंतर 1.0%
- 1991मोताहार होसेन (INC), जीत का अंतर 5.3%
- 1996मोताहार होसेन (INC), जीत का अंतर 4.6%
- 2001डॉ. कमरे इलाही (CPM), जीत का अंतर 1.8%
- 2006इलाही मो. कमरे (CPM), जीत का अंतर 3.3%
- 2011नूरे आलम चौधुरी (AITC), जीत का अंतर 2.7%
- 2016अब्दुर रहमान (लिटन) (AITC), जीत का अंतर 0.1%
- 2021डॉ. मुशर्रफ़ होसेन (AITC), जीत का अंतर 45.1%
- 2026डॉ. मुशर्रफ़ होसेन (AITC), जीत का अंतर 15.5%