हरिश्चंद्रपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
आलम मुस्ताक (INC) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 48.6% वोट पाकर हरिश्चंद्रपुर सीट जीती और बीरेन्द्र कुमार मैत्र (बिशुबाबू) (FBL) को 2,302 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 42 इंग्लिश बाज़ार थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 42 हरिरामपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
हरिश्चंद्रपुर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,302 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आलम मुस्ताक AITC + INC | AITC + INC | 60,54548.6% |
| 2 | बीरेन्द्र कुमार मैत्र (बिशुबाबू) | 58,24346.8% | |
| 3 | चंद्रनाथ राय | 2,5642.1% | |
| 4 | आलम महबूब निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0810.9% |
| 5 | संचिता दास निर्दलीय | निर्दलीय | 7770.6% |
| 6 | जयंती झा निर्दलीय | निर्दलीय | 6560.5% |
| 7 | जयंत सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 6030.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और FBL को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हरिश्चंद्रपुर से कौन जीता, 1977–2006
INC ने यह सीट FBL से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1982 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 83.1% से घटकर 82.0% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में यह सीट AIFB ने जीती।
- 1977बीरेन्द्र कुमार मैत्र (JNP), जीत का अंतर 4.8%
- 1982अब्दुल वाहेद (INC), जीत का अंतर 12.4%
- 1987बीरेन्द्र कुमार मित्र (FBL), जीत का अंतर 16.8%
- 1991बीरेन्द्र कुमार मैत्र (FBL), जीत का अंतर 11.5%
- 1996बीरेन्द्र कुमार मैत्र (FBL), जीत का अंतर 2.1%
- 2001आलम मुस्ताक (INC), जीत का अंतर 1.9%
- 2006ताजमुल होसेन (AIFB), जीत का अंतर 1.5%