करणदीघीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
गोकुल राय (FBL) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 44.4% वोट पाकर करणदीघी सीट जीती और हाजी सज्जाद हुसैन (INC) को 10,839 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 30 इटाहार थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 30 ग्वालपोखर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोकुल राय वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 61,54344.4% |
| 2 | हाजी सज्जाद हुसैन | 50,70436.6% | |
| 3 | राहुल सिन्हा (बिस्वजीत) | 19,99114.4% | |
| 4 | आदेश्वर सिंघा AMB | AMB | 1,6141.2% |
| 5 | सुरेन्द्र नाथ सिंघा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4231.0% |
| 6 | फ़ाज़िल सिंघा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2580.9% |
| 7 | राजकुमार सिंघा CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 1,2210.9% |
| 8 | मुक्तार अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 9270.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
FBL, INC और BJP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
करणदीघी से कौन जीता, 1977–2006
FBL ने 1996 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 41.0% से बढ़कर 44.4% हो गया। यह 1982 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1996 के 72.4% से घटकर 69.6% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में यह सीट AIFB ने जीती।