शालबनीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
खगेंद्र नाथ महतो (CPM) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 55.3% वोट पाकर शालबनी सीट जीती और दिनेन राय (AITC) को 23,455 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 222 बलरामपुर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 222 झाडग्राम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — खगेंद्र नाथ महतो 20.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | खगेंद्र नाथ महतो वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 62,60155.3% |
| 2 | दिनेन राय | 39,14634.6% | |
| 3 | अमुल्य रतन महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 5,5314.9% |
| 4 | महतो क्षमानंद | 3,4773.1% | |
| 5 | सेख मोतिबुल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4391.3% |
| 6 | अमरेंद्र नाथ मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 9930.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, AITC और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शालबनी से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी छठी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 60.2% से घटकर 55.3% रह गया। मतदान प्रतिशत 1996 के 84.5% से घटकर 83.2% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।