श्रीरामपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
रत्ना दे (नाग) (AITC) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 35.0% वोट पाकर श्रीरामपुर सीट जीती और केष्टो मुखार्जी (निर्दलीय) को 5,358 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 180 तारकेश्वर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 180 बागनान है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रत्ना दे (नाग) AITC + INC | AITC + INC | 35,90535.0% |
| 2 | केष्टो मुखार्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 30,54729.8% |
| 3 | धीरेन्द्र नाथ दासगुप्ता वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 29,07328.4% |
| 4 | अशोक साहा निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5803.5% |
| 5 | सुरजित देब राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5831.5% |
| 6 | शकील अहम्मद खान | 7130.7% | |
| 7 | कालीपद राय (के.पी. राय) PDS | PDS | 7000.7% |
| 8 | संजोयदेब बनर्जी | 4150.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
श्रीरामपुर से कौन जीता, 1977–2006
AITC ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह AITC की पहली जीत थी। यह 1982 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 69.0% से घटकर 59.2% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी AITC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977कमल कृष्ण भट्टाचार्य (CPM), जीत का अंतर 18.6%
- 1982अरुण कुमार गोस्वामी (INC), जीत का अंतर 2.9%
- 1987अरुण कुमार गोस्वामी (INC), जीत का अंतर 11.0%
- 1991अरुण गोस्वामी (INC), जीत का अंतर 23.1%
- 1996ज्योति चौधुरी (INC), जीत का अंतर 14.2%
- 2001रत्ना दे (नाग) (AITC), जीत का अंतर 5.2%
- 2006डॉ. रत्ना दे (नाग) (AITC), जीत का अंतर 8.1%