सांकराइलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
शीतल कुमार सरदार (AITC) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 49.0% वोट पाकर सांकराइल सीट जीती और बिकाश मंडल (ग्राम रघुदेवबाटी) (CPM) को 7,682 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 169 उत्तरपाड़ा थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 169 बाली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शीतल कुमार सरदार AITC + INC | AITC + INC | 67,30449.0% |
| 2 | बिकाश मंडल (ग्राम रघुदेवबाटी) वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 59,62243.5% |
| 3 | रमेश चन्द्र सरदार | 5,2953.9% | |
| 4 | गोपाल मंडल | 2,1161.5% | |
| 5 | सुकुमार मलिक निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0020.7% |
| 6 | बबलू रुईदास निर्दलीय | निर्दलीय | 9970.7% |
| 7 | बिकाश मंडल (ग्राम चन्द्रबती) निर्दलीय | निर्दलीय | 8980.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AITC, CPM और BJP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सांकराइल से कौन जीता, 1977–2006
AITC ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह AITC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1996 के 77.5% से घटकर 69.6% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी AITC ने यह सीट अपने पास रखी।