नैहाटीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
रंजीत कुंडू (CPM) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 57.2% वोट पाकर नैहाटी सीट जीती और अधिकारी तरुण (AITC) को 28,656 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 129 श्यामपुकुर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 129 कुलतली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रंजीत कुंडू 21.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रंजीत कुंडू वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 77,59357.2% |
| 2 | अधिकारी तरुण | 48,93736.1% | |
| 3 | अजीत बनर्जी | 4,0053.0% | |
| 4 | सुब्रत सेनगुप्ता CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 1,6931.3% |
| 5 | स्वपन बिस्वास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1960.9% |
| 6 | ढिल्लों सरकार | 1,0830.8% | |
| 7 | संजय बनर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 5940.4% |
| 8 | कमल दास निर्दलीय | निर्दलीय | 4830.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और AITC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.18 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नैहाटी से कौन जीता, 1977–2006
CPM ने 1996 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.4% से बढ़कर 57.2% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1996 के 81.5% से बढ़कर 82.0% हो गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।