मथुरापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
कान्ति गांगुली (CPM) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 46.4% वोट पाकर मथुरापुर सीट जीती और सत्य रंजन बापुली (AITC) को 2,381 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 123 खड़दह थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 123 संदेशखाली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मथुरापुर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,381 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कान्ति गांगुली वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 64,60946.4% |
| 2 | सत्य रंजन बापुली | 62,22844.7% | |
| 3 | सहदेव नस्कर निर्दलीय | निर्दलीय | 8,2225.9% |
| 4 | गुलाम मुस्तफा | 2,5531.8% | |
| 5 | राजीब बनर्जी | 8040.6% | |
| 6 | चित्ता रंजन मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 7350.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, AITC और एक निर्दलीय को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.38 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मथुरापुर से कौन जीता, 1977–2006
CPM ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह CPM की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 86.7% से घटकर 80.8% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977सत्य रंजन बापुली (INC), जीत का अंतर 5.8%
- 1982सत्य रंजन बापुली (INC), जीत का अंतर 7.1%
- 1987बापुली सत्य रंजन (INC), जीत का अंतर 6.8%
- 1991सत्य रंजन पाबुली (INC), जीत का अंतर 6.8%
- 1996सत्य रंजन बापुली (INC), जीत का अंतर 1.9%
- 2001कान्ति गांगुली (CPM), जीत का अंतर 1.7%
- 2006कान्ति गांगुली (CPM), जीत का अंतर 5.1%