बेहाला पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
परश दत्त (AITC) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 48.1% वोट पाकर बेहाला पूर्व सीट जीती और कुमकुम चक्रवर्ती (CPM) को 3,463 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 112 मगराहाट पश्चिम थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 112 कामारहाटी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बेहाला पूर्व का फ़ैसला सिर्फ़ 1.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 3,463 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | परश दत्त AITC + INC | AITC + INC | 90,19048.1% |
| 2 | कुमकुम चक्रवर्ती वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 86,72746.2% |
| 3 | शम्भू नाथ राय | 5,6663.0% | |
| 4 | बिपुल गांगुली PDS | PDS | 2,3261.2% |
| 5 | सौमेन कुमार मित्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7550.9% |
| 6 | सहका रंजन सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0110.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AITC और CPM को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बेहाला पूर्व से कौन जीता, 1977–2006
AITC ने यह सीट CPM से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह AITC की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 79.4% से घटकर 72.3% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में यह सीट CPM ने जीती।
- 1977निरंजन मुखार्जी (CPM), जीत का अंतर 46.8%
- 1982निरंजन मुखार्जी (CPM), जीत का अंतर 35.0%
- 1987निरंजन मुखार्जी (CPM), जीत का अंतर 16.8%
- 1991कु-कु चक्रवर्ती (CPM), जीत का अंतर 10.7%
- 1996कुमकुम चक्रवर्ती (CPM), जीत का अंतर 4.6%
- 2001परश दत्त (AITC), जीत का अंतर 1.9%
- 2006कुमकुम चक्रवर्ती (CPM), जीत का अंतर 12.8%