कुलतलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
प्रबोध पुरकैत (निर्दलीय) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 46.9% वोट पाकर कुलतली सीट जीती और राम शंकर हालदार (CPM) को 4,268 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 102 बेहाला पूर्व थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 102 आमडांगा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। प्रबोध पुरकैत 3.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रबोध पुरकैत निर्दलीय | निर्दलीय | 60,02946.9% |
| 2 | राम शंकर हालदार वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 55,76143.5% |
| 3 | भागीरथ गायेन | 6,9255.4% | |
| 4 | अनुकूल चन्द्र नस्कर | 3,9293.1% | |
| 5 | डॉ. श्यामसुन्दर मंडल | 1,4301.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, CPM और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.42 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कुलतली से कौन जीता, 1977–2006
1996 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 82.9% से घटकर 76.9% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।