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पश्चिम बंगाल · विधान सभा सीट नंबर 90

बारासातविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991

सरल देब (FBL) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 46.6% वोट पाकर बारासात सीट जीती और सौरेन सेन (INC) को 22,458 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 90 हिंगलगंज थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 90 राणाघाट दक्षिण है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

सरल देब
FBL
FBL 46.6%INC 33.0%7 अन्य 20.5%
मिले वोट
76,988
मतों का 46.6%
जीत का अंतर
22,458
कुल वोटों का 13.6%
उम्मीदवार
9
मतदान प्रतिशत
77.3%
2,14,013 मतदाताओं में से

13.6% के अंतर से साफ़ जीत।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

9 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
सरल देब
FBL
FBL
76,98846.6%
2
सौरेन सेन
54,53033.0%
3
अरिंदा गोपाल मित्र
30,31718.3%
4
कल्लोल बाला
1,5490.9%
5
दिलीप चक्रवर्ती
निर्दलीय
निर्दलीय
6630.4%
6
अतीन घोष चौधुरी
निर्दलीय
निर्दलीय
6470.4%
7
कमल कान्ति गांगुली
JP
JP
3940.2%
8
परमानंद महेली
निर्दलीय
निर्दलीय
2130.1%
9
एस. राय
निर्दलीय
निर्दलीय
680.0%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
13.6%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
77%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

FBL, INC और BJP को 98% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.78

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
294 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 148

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
46.6%FBL की जीत
FBL 46.6%INC 33.0%BJP 18.3%अन्य 2.1%

यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

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ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

बारासात से कौन जीता, 1977–2006

1977 से यहाँ हर चुनाव FBL ने जीता है: यह लगातार उसकी चौथी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 58.8% से घटकर 46.6% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1987 के 75.8% से बढ़कर 77.3% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।

  1. 1977सरल देब (FBL), जीत का अंतर 35.5%
  2. 1982सरल देब (FBL), जीत का अंतर 22.0%
  3. 1987सरल डेड (FBL), जीत का अंतर 18.8%
  4. 1991सरल देब (FBL), जीत का अंतर 13.6%
  5. 1996अशोक मुखार्जी (INC), जीत का अंतर 0.8%
  6. 2001अशोक (गोपाल) मुखार्जी (AITC), जीत का अंतर 3.0%
  7. 2006डॉ. बीथिका मंडल (AIFB), जीत का अंतर 2.5%